पूरी दुनिया का पापों का बोज कोई उठा सकता है तो वो होता है एक सच्चा संत जो सिर्फ़ ओर सिर्फ़ लोगों के लिए आते है ।
उन की पहचान सिर्फ़ एक पूर्ण संत ही करते है, जेसे की शाह सतनाम महाराज जी ने एक पेरों की पैड देख कर बोल दिया था की “आओ आप सब को रब की पैड दिखाते है” जब सब दोड कर शाह सतनाम जी महाराज जी के पास आए तो बोले गुरु जी यह तो मंगर सिंह के बेटे की पैड है तो शाह सतनाम महाराज जी बोले “यह तो नहीं पता पर यह रब की पैड है “ मतलब इशारा पिता जी की तरफ़ सीधे सीधे था।
ओर बात करे गुरगद्दी की तो जब गुरमीत राम रहीम को गद्दी पर बिठाया तो वचन किए की “एसा बब्बर शेर बिठा कर चले है जेकर इनके सामने पहाड़ भी आएगा वो भी चकनाचूर हो जाएगा”।
ओर बात आती है अब 25 august की तो लोगों ने पता नहीं क्या क्या बोला क्या क्या सुनाया।ओर जब वो गया तो जाता जाता भी “स्माइल ओर गुड लक” बोल कर चला गया ओर बता गया की हम एसे युग की शुरुआत करने जा रहे है जिस के बारे में कभी किसी ने नहीं सोचा होगा।
“काली पट्टी” कोई नहीं जनता की उस मालिक काली पट्टी क्यूँ बाँध कर क्यूँ गया।उस दिन जो हुआ वो कोई नहीं भूल सकता ओर उस मालिक ने पता नहीं किस किस का भार किस किस पाप कर्म ओर ख़ुद काल के नाम से कहलाने वाला कलयुग अपनी कमर से बाँध लिया। उस दिन जितने भी प्रेमी सहीद हुए है उन का नाम इतिहास के पन्नो ओर उस मालिक की स्वर्ग कहलाने वाली दरगा में हमेशा हमेशा के लिए दर्ज हो गया।
उस दिन मालिक ओर काल के बीच क्या हुआ यह ख़ुद मालिक जानते है,क्या हुआ केसे हुआ वो ख़ुद आ कर बताएगा। कुश भी ग़लत लिखा गया हो तो माफ़ करना,बस एक छोटी सी कोशिश की है हो सको तो ख़ुद समज जाना

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