🙏🙏धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा 🙏🙏
सारी उम्र ना उतरे मेरे दाता,
ऐसा नशा चढ़ा दो जी।
तेरे सिवाय मुझे कोई और नजर ना आये मेरे दाता,
आप ऐसी नजर बना दो जी।
मैं सारी उम्र रहूं तड़पती मेरे दाता, आप ऐसी तड़प लगा दो जी।
रग-रग में बस जाए प्रेम तेरा मेरे दाता,
मुझे आप प्रेम का प्याला पिला दो जी
जन्म जन्म से फिरू मै तड़पती,
अब तो तरस कमालो जी
आगे गलती नहीं करूंगी मेरे स्वामी,
बस एक बार माफी दे दो जी।
तेरे चरणों की दासी बन जाऊं, मुझे एक बार मौका दे दो जी।
तू जान बना मेरी हो सतगुरु,
मुझे अपनी जान बना लो जी।
तेरे बिना मेरा नहीं गुजारा,
मुझे और कुछ ना चाहिए जी।
तेरे बिना मुझे नींद ना आये,
मेरी सारी नींद उड़ा दो जी।
सारी रात आपा दोनों बात करेंगे, करना प्रेम सिखा दो जी।
स्वास स्वास में मै सिमरन कर लू, मेरा सिमरन आप ही चला दो जी।
मैं हूं तेरी आत्मा सतगुरू,
अब रहना आपसे दूर नही
स्वास स्वास में सिमरन कर लू,
मेरी कोई औकात नहीं।
दर्शन दे दो मेरे प्यारे दाता,
तेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं।
हाथ जोड़कर करू विनती, स्वीकार कर लेना जी।
बार-बार मैं माफी मांगू ,
एक बार माफी दे देना जी।
मैं माफी के काबिल नहीं हूं मेरे सतगुरु ,
गलती हो गई भारी जी।
आप जी ने बहुत समझाया,
मेरी नहीं समझ में आई जी।
मेरा क्या जीणा मेरी क्या जिंदगानी,
जब तक होते दरश दीदार नही।
हर श्वास में मै माफी मागू ,
प्लीज माफ मुझे कर देना जी।
आप जी ने मुझे माफ कर दिया,
ये मै तभी समझूंगी
जब मुझे हो जायेगे नूरी स्वरूप मे दर्शन जी।
एक भी गलती मेरे से ना होए मेरे सतगुरु ,
मुझे आप जी ही चलाना जी।
जो तेरे से प्यार करे सतगुरू ,
उससे ही बुलवाना जी।
जो तेरे वचन नहीं मानता सतगुरू ,
उससे तू मुझे बचाए रखना जी।
जो तेरा आशिक है मेरे दाता, उसका संग कराना जी।
खाना पीना सोना जागना चलना,
सब कुछ आप जी के साथ हो जी।
रजा मे राजी रखना मेरे सतगुरू,
ये मेरी इच्छा पूरी कर दो जी।
हे मेरे दयालू दाता, दया के सागर, शहंशाहो के शहंशाह,कुल मालिक आप जी के सिवा इस नूगरी दुनिया में मेरा कोई नहीं है जी।
स्वार्थी है यह दुनिया का प्रेम,
सच्चा प्रेम आप जी का है जी।
मैं आप जी से सच्चे दिल से प्रेम करू,
यह मेरी अरज कबूल कर लेना जी।
🙏🙏धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा🙏🙏

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